(कोलायत श्री कपिलमुनी तपो भूमी पर स्थित पवित्र जल मग्न कपिल सरोवर में मुख्य घाट पर स्नान करते श्रद्धालु) फोटो-सतीश अग्रवाल, बीकानेर।
कोलायत ग्राम बीकानेर से लगभग 50 कीलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहॉं कपिलमुनी ने तपस्या की थी
कपिलमुनी कर्दम ऋषि के पुत्र थे एवं विष्णु
का अवतार थे। उन्होने सांख्य योग का दर्शन अपनी माता देवहुति को कराया था एवं सांख्य योग प्रचार का किया था।
स्वयंम भगवान श्रीकृष्ण ने कपिलमुनी को सिद्धि प्राप्त योगी बताया है। मुनियों की तपो भूमि होने के कारण यहॉं वास्तव में मन को शान्ति की अति उतम अनुभूति होती है। सरोवर के आसपास तपोभूमी की अनुभूति भरतहरी गुफा, उज्जेन एवंम दुर्वाशा ऋषि गुफा अमरकंटक या बद्री, केदार के पहाड़ो से कहीं कम नहीं है यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।
कर्दम ऋषि की उत्पत्ति सृष्टि रचियता ब्रह्मा से हुई थी । अतार्थ कपिलमुनी ब्रह्माजी के पोत्र हुए।
यहॉं वार्षिक मेला माह कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर-नवम्बर) को लगता है। कोलायत कपिल सरोवर में डूबकी लगाने से पुष्कर व गंगा स्नान के बराबर महात्म बताया गया है।
सरोवर पर स्नान के लिए 32 स्वच्छ घाट निर्मित है। महिलाओं के लिए अलग से घाट भी है
सरोवर के मुख्य घाट के पास मार्बल र्निमित भव्य कपिलमुनी कोलायत मन्दिर है
आने-जाने के लिए बस, रेल की सुविधा है।
रुकने के लिए धर्मशाला आदि की व्यवस्था है।
कोलायत सरोवर में आजकल बोटिग की व्यवस्था भी है।
आपको साधुओं से मिलने में रुची है तो भी यह स्थान उपयुक्त है।
सरोवर की विशेषता है कि सरोवर का जल 12 माह हर समय हिलता पाया जाता है।
यहाँ चाईना कले, मुलतानी मिट्टी एव बजरी का खनन उधोग है।
अध्ययन करने से मालूम होता है कि
कपिलमुनी का जन्म कलायत नामक स्थान पर हुआ था जो कि नदी के निकट बसा था।
यहॉं के आस पास की भूमि में खुदाई में ऐसे मिटृटी पत्थर मिलते है जिससे यह लगता है की
किसी समय यहॉं पर नदी भी थी, जो कि लुप्त हो चुकी है।

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